Monday, 2 May 2016

हिस्सेदार की बीवी

मैं अपना परिचय दे दूँ, मेरा नाम गौरव गुप्ता है, उम्र 30 साल, कद 5′ 5″, रंग गोरा और बदन गठीला है और अभी तक मैं कुँवारा हूँ। मैं लखनऊ में एक कंप्यूटर सेन्टर चलाता हूँ, जिसमें मैं और मेरा एक हिस्सेदार है। कंप्यूटर सेन्टर हिस्सेदार के घर के एक कमरे में चलता है। उस कमरे का एक दरवाज़ा हिस्सेदार के घर के अन्दर खुलता है। मैं अक्सर कंप्यूटर सेन्टर चलाता हूँ और हिस्सेदार बाहर के काम निपटाता है। हिस्सेदार के घर में उसकी पत्नी सीमा, उम्र लगभग 26 साल, कद 5′ 2″, रंग गोरा और भरे-पूरे बदन की मालकिन अकेली ही रहती थी। वो हालांकि मुझे छोटी थी पर फिर भी मैं उसको भाभी जी ही बुलाता था। खाली समय में हम दोनों खूब लम्बी बातें किया करते थे।
एक बार मेरा हिस्सेदार किसी काम के सिलसले में जयपुर गया था 4-5 दिनों के लिए। इसलिए सेन्टर का सारा काम मुझे संभालना पड़ रहा था। हफ्ते के 6 दिन तो बच्चो को ट्रेनिंग देने में ही निकल जाते और इतवार को मुझे दफ़्तरी काम निपटाना होता था।
उस दिन भी मैं सेन्टर में कंप्यूटर पर बैठा अपना जरूरी काम कर रहा था, चपरासी को भी जल्दी थी तो मैंने उससे सेन्टर का मुख्य-द्वार बंद करके चले जाने को कहा। मैंने सोचा सेंटर का गेट बंद होने बाद मैं अन्दर बैठ कर अपना काम शांति से कर सकूँगा और फिर हिस्सेदार के घर वाले दरवाज़े की तरफ से बाहर चला जाऊंगा। तो मैंने जाने को कह दिया। उसने ऐसा ही किया और वो चला गया। अब मैं सेन्टर के अन्दर बिलकुल अकेला था।
काफी देर काम करने के बाद जब मैं अपना काम कम्प्यूटर में सेव कर रहा था तभी मेरी नजर कंप्यूटर में सेव की हुई एक मूवी पर पड़ी जो शायद किसी टीचर ने या फिर मेरे हिस्सेदार ने लोड कर दी थी। वो एक ब्लू फिल्म थी। मैं काम करके काफी थका हुआ था तो कुछ मस्ती करने के मूड में मैंने वो फिल्म चालू कर दी चूँकि मैं सेन्टर में अकेला था इसलिये मुझे कोई डर भी नहीं था। फिल्म देखते देखते मेरा 8″ का लण्ड पैंट के अन्दर तम्बू बन कर खड़ा हो गया। मुझे काफी गर्मी लग रही थी तो मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। अब मैं सेन्टर में बिलकुल नंगा होकर ब्लू फिल्म देखते हुए मुठ मार रहा था।
तभी पीछे से एक खट की आवाज ने मेरी तेज़ होती सांसों को ब्रेक लगाने पर मजबूर कर दिया। मैंने पलट कर देखा तो अन्दर के दरवाज़े पर सीमा भाभी चाय का प्याला लिए खड़ी थी। उन्हें अचानक देख कर मेरे होश उड़ गए। मेरे पास इतना समय नहीं था कि मैं कपड़ों से अपने तन को छुपा सकता। मैं उनके सामने एक दम नंगा खड़ा था, मेरी गले की आवाज गायब सी हो गई थी। मैंने हकलाते हुए पूछा- सीमा भाभी, आप इस समय ?
भाभी ने भी कुछ नहीं कहा, लेकिन मेरे बड़े लण्ड को 2-3 मिनट तक देखते रही फिर बोली- देवर जी, यह आप क्या कर रहे थे? मैं तो आपको एक अच्छा आदमी समझती थी पर आप अपने दोस्त की गैर मौजूदगी में यह सब?
मैं डर गया और बोला- भाभी मुझे माफ़ कर दो।
सीमा भाभी पहले कुछ नहीं बोली फिर मेरे 8″ लण्ड को हाथ में लेकर बोली- एक शर्त पर मैं तुम्हे माफ़ कर सकती हूँ कि जो कुछ इस फिल्म में चल रहा है वो सब तुम्हें मेरे साथ भी करना पड़ेगा।
वैसे तो मैं कई बार सीमा भाभी की अंगों को दूर से निहार चूका हूँ पर आज सीमा भाभी खुद मुझसे चुदाने को तैयार थी, यह सोच कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। आज तक मैंने उन्हें कभी नंगा नहीं देखा था। आज मेरा सबसे हसीन सपना पूरा होने जा रहा था।
मैंने उसके होंठों पे अपने होंठ कस के दबा दिये। 15 मिनट तक वो मेरे और मैं उसके होंठ चूसता रहा। होंठों के बाद वो मुझे सब जगह पर चूमने लगी, गाल छाती और सब जगह। मैं भी उसके गालों को चूसने लगा। चूस चूस के उसके गोरे गाल मैंने लाल कर दिये।
अब तो वो बहुत गर्म हो गई थी मगर वो अब भी कपड़ो में थी और मैंने उसके कपड़े निकालने शुरू कर दिये। धीरे से उनकी साड़ी खींच कर अलग कर दी और उनके मम्मे दबाते हुए ब्लाउज के हुक खोल दिए, पेटीकोट का नाड़ा खोल के पेटीकोट नीचे खिसका दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी। मैं सफ़ेद ब्रा में उसके बड़े बड़े मम्मे देख के पागल हो गया।
वो बोली- गौरव, जब से तुम्हें अपना यह बड़ा लण्ड हिलाते देखा है, मैं तो इसके लिये पागल सी हो गई हूँ, अब मुझे और ना तड़पाओ !
मैंने तुरंत उसकी ब्रा निकाल दी, उसके गोरे गोरे कबूतर आज़ाद होकर बाहर निकल आये। मैंने धीरे से उस की पैंटी नीचे खिसका दी अब हम दोनों पूरी तरह नंगे खड़े थे। वो मेरा पूरा नंगा लण्ड देख कर जो कि अब 8″ से बड़ा हो गया था, अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। उसने उसे अपने हाथों से हिलाना शुरु किया और बोली- तुम्हारा तो तुम्हारे दोस्त यानि मेरे पति से काफ़ी बड़ा है, इसलिये मैं तुम्हें कहती थी कि तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है क्या?? मेरे भोले गौरव जी लड़कियों को ऐसे बड़े लण्ड वाले लड़के बहुत पसंद होते हैं !
वो मेरे लण्ड के साथ खेल रही थी। अब उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया। मेरा लण्ड पहली बार किसी छेद में जा रहा था। मेरे लण्ड को गुदगुदी सी हो रही थी। मैं जैसे स्वर्ग में था।
उसने मेरा लण्ड पूरा अपने मुंह में ले लिया। क्योंकि यह मेरा पहली बार था, मैं ज्यादा देर नहीं टिक पाया, 5 मिनट के बाद मैने उसे कहा- मैं छूटने जा रहा हूँ !
उसने कहा- मुंह के अंदर ही छोड़ देना !
मैने बड़े जोर के साथ अपना वीर्य उसके मुंह में निकाल दिया और उसने वो पूरा निगल भी लिया। अब छूटने की वजह से मेरा लण्ड फ़िर अपने सामान्य आकार में आ गया। तब भाभी और मैं बाथरूम में सफ़ाई के लिये चले गये। वहाँ वो तो और सेक्सी बातें करने लगी। लगता है अब तक उसकी गर्मी ठंडी नहीं हुई थी।
उसने कहा- मेरे पति का लण्ड तुमसे बहुत छोटा है, और वो मुझे इतना प्यार भी नहीं करते, वो यहाँ नहीं थे तो मैं सेक्स के लिये बहुत पागल हुए जा रही थी, मुझे तुम अपनी बीवी समझना और जब जी चाहे तब चोदना। ये भाभी आज से तेरी है।
और उसने मुझे फिर चूमना शुरु किया। हम एक दूसरे को फिर चूसते रहे, चूमते रहे।
मैने उसे कहा- भाभी, देवर को दूधू पिलाओ !
उसने कहा- पूछो मत ! ये दूध और दूधवाली सब आप ही के लिये हैं ! जितना दूध पीना है पी लो !
और मै बिना रुके उसके 36 डी साइज़ के सेक्सी स्तन दबाने लगा, उन्हें ज़ोरो से चूसने लगा।
वो चीखने लगी- चूसो और ज़ोरों से, पी जाओ सारा, गौरव आआआआअ आईईइ ईइ अ दूध ऊऊऊह ह्हह्हा आऐइ ईई ईई……ऊऊ ऊऊओ ऊऊओ ऊओ ऊ…आ आआअ आ आअ।
मैने अपनी चुसाई जारी रखी, और वो मेरे लण्ड से खेले जा रही थी। बीस मिनट मैंने उसके स्तन चूस चूस के लाल कर दिये, अब मेरा लण्ड फ़िर तन रहा था। अब तो मेरे लण्ड को उसके चूत के छेद में जाना था। अपना तना हुआ लण्ड मैंने उसकी चूत पर रख कर अन्दर करने का प्रयत्न किया। मेरा लण्ड मोटा होने के कारण अंदर जाने में थोड़ी दिक्कत हुई। लेकिन 2-3 जोर के झटकों के बाद अंदर चला गया।
तब वो चिल्लाई- आआअ आआअ आऐइ ईईईइ ऐईईइऊ ऊऊऊईइ ईईई माआ आआआ निकालो बहुत दर्द हो रहा है !
लेकिन वो उसे अलग नहीं होने दे रही थी। उसे भी बहुत मज़े आ रहे थे। मेरा लण्ड भी बहुत मज़ा कर रहा था। उसे चूत चुदवाना अच्छा लग रहा था। मैने उसे लगभग बीस मिनट तक चोदा और उसकी चूत में पानी निकाल दिया। उसी समय पर उसके भी चूत से पानी निकला।
फिर हम दोनो बाथरूम में एक साथ शॉवर में नहाये, वहाँ भी मैंने थोड़ी मस्ती की। उस रात को मैं उसी के घर रुक गया था क्योंकि वो घर में अकेली थी। हम दोनों एक ही बेड पर सोये थे एक दूसरे के बाहों में पति-पत्नी की तरह।
मेरी सेक्सी भाभी के बदन की आग ठंडी हो ही नहीं रही थी। सुबह साढ़े पाँच बजे वो फ़िर से मेरे लण्ड के साथ खेलने लगी, मैं तब नींद में था। लेकिन उसकी मस्ती से मैं उठ गया और मेरा लण्ड भी उठ गया। और फिर एक बार मस्त चुदाई हुई।
उस पूरे दिन में हम दोनों ने 4-5 बार सेक्स किया, मैं तो पूरा थक गया था और वो भी।
अब भी हम लोगो का यह कार्यक्रम हिस्सेदार की गैर मौज़ूदगी में चलता रहता है। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था जो काफी शानदार था। मगर मैं अब चिंतित हूँ क्योंकि जल्द ही मेरी शादी होने वाली है। फिर पता नहीं भाभी जैसी हसीना के साथ ये हसीं लम्हे गुजारने को मिलें या न मिलें।

बॉस की बीवी के साथ चुदाई

दोस्तों यह घटना तब की है जब में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक ऑटोपार्ट्स की दुकान में काम करता था और मेरे बॉस दुकान के मालिक मुझे छोटू बुलाते थे, उनकी उम्र करीब 36 या 37 साल थी और तब मेरी उम्र 22 थी, उनकी पत्नी जिसका नाम मेघा और वो बहुत ही हॉट और सेक्सी औरत थी और उनकी एक बेटी भी थी। दोस्तों मेरे बॉस ने अपनी शादी बहुत देर से की थी और बॉस की बीवी की उम्र करीब 30-31 की थी, लेकिन वो अपने सुंदर चेहरे, सेक्सी बदन से दिखने पर ऐसी बिल्कुल भी लगती ही नहीं थी कि वो इतनी उम्र की भी हो सकती है? दोस्तों मुझे अपने बॉस की दुकान के काम के साथ साथ उनके घर के काम भी छोटे बड़े सभी करने पड़ते थे, जैसे कि बॉस का उनके घर से दिन में खाना लेकर आना घर के लिए कोई भी सामान ले जाना और भी बहुत कुछ इससे मेरी और मेरे बॉस की पत्नी की बहुत अच्छी बनती थी, उनका व्यहवार भी मेरे लिए बहुत अच्छा था और में हमेशा उन्हें मजाक में बॉस ही बोलता था, लेकिन वो कभी भी मुझसे किसी भी बात पर नाराज नहीं होती थी।
वो भी मुझे प्यार से छोटू ही बोलती थी और जब भी में उनके घर पर काम से जाता तो हम बहुत देर तक मस्ती मज़ाक करते, मुझे उनके फिगर के साईज का तो पता नहीं, लेकिन वो भरे बदन की थी और उनका रंग भी बिल्कुल गोरा था, हमारा मजाक इतना होता था कि जब भी में अपने बोस का खाना लेने जाता तो में उनसे मजाक में बोलता था कि आपके पापा ने खाना मंगवाया है तो मेरे मुहं से यह बात सुनकर ज़ोर से हँसने लगती और मुझसे कहती कि तुम बहुत बदमाश हो गया है बहुत बड़ी बड़ी बातें करता है। एक दिन मेरे बॉस ने मुझसे बोला कि छोटू में 20-25 दिन के लिए किसी जरूरी काम से अपने गाँव जा रहा हूँ तो तू क्या मेरे पीछे से दुकान सम्भाल लेगा? फिर मैंने बोला कि हाँ बॉस कोई बात नहीं आप आराम से बिना चिंता किए चले जाईये। फिर बॉस मुझसे बोले कि तेरी मेडम मेरे साथ नहीं जाएँगी, क्योंकि बेटी का स्कूल है तो इसलिए तू दुकान बंद करने के बाद मेरे घर पर ही रहना। फिर मैंने बोला कि जी बॉस। फिर बॉस बोले कि में कल सुबह ही निकल जाऊंगा तो तू दुकान पर ठीक समय पर आ जाना।
फिर दूसरा दिन आया। मैंने दुकान खोली तब तक बॉस जा चुके थे और में पूरे दिन बिल्कुल अकेला था। फिर रात हुई और में अपने बॉस के घर पर गया और वहां पर पहुंचने के बाद मेडम ने मुझसे पूछा कि क्या तुमने दिन में खाना खाया था? फिर मैंने बोला कि जी बॉस हाँ मैंने दिन में खाना खा लिया था। फिर कुछ देर बाद मेडम ने खाना लगाया और हमने एक साथ ही बैठकर खाना खाया और उसके बाद हम तीनो खा पीकर सो गये, में होल में ही सोया था और ऐसे ही तीन दिन गुजर गये सब कुछ एकदम ठीक ठाक था। उसके अगले दिन रात के करीब 2:30 बज रहे थे और मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी तो में पेशाब करने उठा और जब में वापस आया तो मेरी नज़र मेडम के रूम की तरफ चली गई। मैंने देखा कि रूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था तो मैंने सोचा कि शायद मेडम जाग रही है तो इसलिए में रूम के बहुत करीब गया और जैसे ही मैंने अंदर देखा तो देखकर मेरे होश उड़ गये और मेरी दोनों आँखे फैल गई, क्योंकि उस समय मेरी बॉस मेक्सी के ऊपर से ही अपनी चूत को सहला रही थी और आअहह उउफफफ्फ़ हनमम्म कर रही थी और मेरा मन किया कि में जाकर उनसे चिपक जाऊँ, लेकिन मेरी इतनी हिम्म्त नहीं हुई और में किसी तरह अपने आप पर कंट्रोल करके या शायद उनसे डरकर में वापस आकर सो गया।
फिर सुबह हुई और हम नाश्ता कर रहे थे, में अब चोर नज़र से मेडम को ही बार बार देख रहा था और तभी मेडम मुझसे बोली कि क्या बात है आज तुम बहुत चुपचाप हो? फिर मैंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और फिर पूरे दिन भर में दुकान पर जाने के बाद अपनी मेडम के बारे में ही सोचता रहा और सोचते सोचते मेरा लंड टाईट हो जाता और आज में रात को सोया ही नहीं बस उनके बारे में ही सोचता रहा और रात को करीब दो बजे में फिर से उठा और मेडम के रूम की तरफ जाकर देखा, लेकिन आज दरवाजा अंदर से बंद था तो में करीब गया और वहीं पर बैठ गया और कुछ देर बाद अंदर से फिर वही सिसकियों की आवाज़ आने लगी और में बाथरूम में जाकर मुठ मारने लगा और ऐसे ही पूरे 6 दिन हो गये और मेरा मन अब अपनी मेडम को चोदने का बहुत कर रहा था और फिर वो रात आ गई, रात के 1 बज रहे थे और में दरवाजे के बिल्कुल पास ही था और मेडम की आवाज़ सुन रहा था। मैंने अब दरवाजे पर ज़ोर से हाथ मार दिया और जिसकी वजह से दरवाजा खुल गया और फिर में मेडम से बोला कि क्यों आपकी तबीयत तो ठीक है ना? मेडम बोली कि हाँ क्या हुआ में तो एकदम ठीक हूँ। फिर में बोला कि जी मेडम और फिर में जाकर हॉल में बैठ गया।
फिर थोड़ी देर बाद दरवाजा खुला और मेडम बाहर आ गई। में उस समय सोफे पर बैठा हुआ था तो वहीं पर मेडम भी आकर बैठ गई और वो बोली क्या हुआ क्यों चिल्ला रहे थे में डर गई थी? फिर में बोला कि मेडम मैंने आपकी आवाज़ सुनी तो मैंने सोचा कि शायद आपकी तबीयत खराब है। फिर मेडम बोली कि नहीं में एक सपना देख रही थी। मैंने पूछा कि कैसा सपना? मेडम बोली कि वो एक बहुत डरावना सपना था, अब में उनसे नाटक करने लगा क्या मेडम आप भी सपनो से डरती हो? अब वो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ मेडम क्या आप ज़्यादा डर गई हो? फिर मेडम बोली कि नहीं तो। फिर में बोला कि फिर आप बिल्कुल चुप क्यों हो? तो मेडम बहुत ही धीरे से बोली कि मुझे बहुत प्यास लगी है तो में तुरंत समझ गया, लेकिन फिर भी मैंने नाटक किया हाँ ठीक है में अभी पानी लाता हूँ और में उठकर पानी लाया और उनसे बोला कि यह लीजिए तो मेडम ने देखा तो मुझे हँसी आ गई।

Sunday, 1 May 2016

Beautiful Housewife Chudi Buddhe Se--Hindi beautiful wife sex stories

pni life mein pehli baar itni sundar aurat dekh rha tha vo chupchap aata leke chala gya ab vo buddha roz uske ghar aata aur usey ghurta Natasha ko ab itna bura nahi lagta tha kyunki vo buddha usey sirf dekhta tha aur dekhne se kuch nahi hota aisa roz chalne laga ek din natasha kapde dho rhi thi aur uski saari thodi geeli ho gyi thi jisse ki uska gora pet saaf dikh rha tha uski navel itni round aur deep thi ki har kisi ka dil

Lalcha jaye vo jaise hee gate par pahuchi toh buddha ussey dekhkr shocked reh gaya usne pehli baar uski navel dekhi thi jo ki itni pretty thi vo baar baar uski navel ghoor rha tha..natsha ne ye notice kia aur ussey kaha ki kya dekh rhe ho ussne kaha kuch nahi aur vo chupchap chala gya Natasha ko ye sab acha lagta tha ki koi ussey ghure kyuki aisa krke vo praised hoti thi ussey ye sab acha lagna laga ab vo roz saree iss

Tarah bandhti thi kiuski navel usey dikhe ek  din jab vo aaya toh usne Natasha se kaha ki ussey pyas lagi h Natasha paani lene gyi buddha uski gaand ko ghurke apna lund sehlane laga Natasha paani lekar aa gyi aur ussey paani pilane k liye jhuki toh uska pallu niche gir gya aur uski cleavage dikh gyi buddhe ka lund lungi mein khada ho gya vo uski chuchi ghure ja rha tha Natasha ne ye notice kia aur apna pallu theek

Kar liya buddhe ne pani piya aur chala gaya fir bahut dino tak vo buddha nahi aaya Natasha ne jyada ddhyan nahi dia ffir bahut dino baat jab vo buddha aaya toh Natasha k chehre pe ek ajib se smile thi usne apni saree is tarah bandhi ki navel ache sedikhai de aur vo bahar aa gyi usne buddhe se pucha ki itne kahaan the toh usne kaha ki vo bimar tha toh usne ussey thodi baat ki ab roz buddha aur Natasha thodi

Bahut baat kia karte the aur kabhi kabhi mazaak bhi kiya karte the ek din buddhe ne ussey kaha ki Natasha tumhara pati bahut lucky h Natasha ne pucha kyu toh usne kaha ki itni sundar biwi jo hei uski aur ye kehte hee usne Natasha ki gaand ko sehla dia ye dekh kar natasha ko bahut gussa aaya aur usne usey daant diya ki aage se aisa kiya toh bahut bura hog vo chup chaap chala gya fir Natasha naraz ho gyi aur jab vo agle din

Aaya oh usne dhang se usey dekha bhi nahi aur beg dekar ander chali gyi bahut dino tak aise hee chalta rha ek din jab vo aaya toh natasha bahar aayi uske chehre pas abhi bhi gussa th usne natasha se maafi maangi aur kahaa ki aage se aisa nahi hoga Natasha ne kuch der socha aur usey maaf kar diya fir dono pehle ki tarah baat krne lage ab toh buddha Natasha k ghar mein ander kitchen tak jaane laga aur Natasha

Roz 15 min ussey baat krne lagi ek din Natasha ne ussey pucha ki tumhara birthday kab aata h toh usne bahana maar k keh diya ki parso hei usne kaha ki bolo kya gift chahiye toh usne kaha jo chahe de dena aur haste hue chala gya fir kal jab buddha aaya toh Natasha saree mein thi aur apni navel dikha rahi thi buddhe ne uski navel dekhi aur kaha ki mujhe kal ye chahiye yu kehte hee usne uski navel pe ungli fer di.

Natasha ko ye bhi acha nahi laga aur usne mana kar diya but usne kaha ki ussey navel hee chahiye vo mana krne lagi toh buddha bola ki theek h aage se kabhi koi gift nahi maangunga usey buddhe pe taras aa gya aur kaha ki vo sochegi fir buddha chala gya agle din jab vo aaya toh bahut khush tha. Natasha andar kaam kr rhi thi toh vo seedha kitchen tak chala gya Natasha surprised thi but usne ussey birthday wish kia aur 100 rs diye

Aur kahaa ki kuch lelena but buddhe ne kaha ki usey ye nahi kuch aur gift chahiye vo samajh gyi usne kahaa ki theek hei par vo ek baar uski navel ko touch kr skta h bas par buddhe ne kaha ki aaj uska bday hei toh ussey kuch special milna chahiye usne kaha ki meine aaj tak kisi ki navel ko kiss nahi kia mein tumhari navel ko kiss krna chahta hu Natasha nee mana kr dia buddhe ne bahut request ki par vo

Nahi mani buddha udaas man se jaane laga toh natasha ko daya aa gyi usne kahaa theek h but vo sirf ek baar hee kiss karega aur kisi ko nahi batayega aur sirf aaj k liye..usne kaha theek h buddhe k muh mein paani aa gya jab usne apni saree hatayi buddha zameen pe beth aur uski navel pe ungli fira di Natasha ne kaha ki jaldi karo krna h tohusne uski gori kamar pakdi aur uski navel ko kiss kia Natasha ke

Liye ye first time thaaaj tak kisi ne uski navel kiss nahi ki uski body pe current sa lag gya.buddha pagalo ki tarah uski navel ko kiss krta rha ussey bahut acha lag rha tha toh usne usey roka nahi buddha ab apni juban uski navel k ander ddaalne laga aur 10 minute tak uski navel ko kiss kia Natasha ne usey hataya aur dekha ki uska pet gila kr dia tha buddhe ne usne buddhe ko jaane k liye kaha uske jaane k baad usey

Kuch ajeeb laga aur usne dekha ki uski panty geeli h usey visvaas nahi ho rha tha ki ek buddhe ne usko seduce kr dia h vo bhaag k bedroom mein gyi aur fingering krne lagi life mein pehli baar itna saara cum nikla tha uski chut se agle din jab vo buddha aaya toh natasha ussey aakhein chura rahi thi buddhe ne kaha ki koi baat nahi humne kuch galat ni kiya aur 20 minute tk ander jaake usey samjhaya aur ab

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Kaha ki ooper se hee toh h kuch nhi hota aur vo frank hokar roz uski chuchi gaand dabane laga ek din vo kitchen mein kaam kr rhi thi toh vo peevche se gya aur uski chuchi pakad li uska lund uski gaand ko touch kr rha tha aur vo uski kamar pe kiss kr rha tha Natasha ne pehli baar itna lumba lund feel kia tha vo aise krte krte ooper se hee jhatke maarne laga Natasha hat gyi aur kaha ki ye kya kr rhe ho buddhe ne kahaa

Ki mujhe pta h tujhe kya chahiye aur ye kehte hee usne apna lund bahar nikal liya aut kahaa ki le ye rha tera gift Natasha ka muh khula reh gya uska lund dekh kr usne kaha ki nikal jaaye vo iss ghar se lekin buddhe ne kahaa itni shariff kya banti h mujhe bi pata h tujhe ye loda chahiye aur ye kehte hee usne usey lips pe smooch krna chalu kr dia buddha heaven mein tha aur usne jabardasti natasha ka haath

Apne lund pe rakh dia aur muth marne laga..natasha chutne ki koshish kr rhi thi but koi faayda nahi tha usne Natasha ko goad mein uthaya aur bed pe patak dia vo nanga hokar uske ooper chadh gya aaur uske hoth chumne laga Natasha resist krte hue ab chup chap let gyi aur vo buddha ab uska blouse khol rha tha Natasha ne usey roka toh usne jabardasti uski bra faad di buddhe ne life mein pehlo baar itni sundar chuchi

Dekhi thi vo pagalon ki tarah uski chuchi chusne laga aur uske nipple katne laga 30 minute tak uske nipple kaatne k baad uski chuchi bi tight ho gyi thi aur natasha ko bhi mazaa aane laga vo utha aur uska petticoat khol dia Natasha ki milky thighs pe vo tut pada aur kiss krne laga itne mein natasha ki panty geeli ho chuki thi vo Natasha ki chuchi ko kaatne laga aur uski panty utaar di uski chut dekhkr vo madhosh ho

Gya vo pagalon ki tarah usey chaatne laga fir vo khada hua aur Natasha ne uska lund chusa15 minute baad vo uske muh mein hee jhad gya fir usne natasha ki legs kholi aur apna 11 inches ka lund uski chut mein ghusa diya Natasha ki cheekh nikal g aaahhhh usne kaha ki ruk jao lund bahar nikalo par vo nahi mana aur jor se uski chut maarne laga1 ghante tak 5 pore mein uski chut maari aur uski chut mein jhad gya fir ulta krke uski gaand bi faad di fir 4 saal tak roz vo ussey isi tarah chodta rha ausi kamsin chut aur gaand k maze leta rha. Natasha ko vishwas ni ho rha tha ki ye usne kya kia thanks guys and I hope you all like it.

Housewife Ki Anokhi Khwahish Puri Ki(Hindi housewife sex stories)

Hameri family bhopal me rehti he mene indore me ek bank me marketing ki job kar li taaki apne kharche nikal saku mujhe bank se lead milti thi aur me unse milkar unka loan mutual fund etc ki requirment puri karta tha baat aaj se teen saal pehle ki he jab mujhe bank se lead mili aur no. aur address mila mene us par call kiya wo kisi mr sahani ka no.

Tha unka mob no tha us mobile par nahi laga to mene land line par lagaya to kisi ladies ne uthaya mene unse unko apna intro diya to unhone mujhe ghar par bul me 15 min me us address par tha wo ek kafi bada shandar apartment tha me lift se us flat tak gaya aur doorbell bajaye thodi der me ek

Ladies ne darwaja khola koi 28 ya 30 saal ki hogi bhara sharir maroon cotton ka top pehene thi thoda deep tha jisme se uske boobs ki line saaf dikh rahi thi aur andar ki black bra ka shape bhi dikh raha tha chehra uska gol aur badi ankhe hont to uske itne gulagi ki bin lipstick ke chamak rahe

The us kaha kahiye me hadbada gaya ye sab 5 second ke andar hua usne mujhe dekha aur pucha tab mene apna intro diya tab usne mujhe andar aane ko kaha aur nokrani se chai aur pani lane ko kaha uska naam ayesha tha badla hua phir usne mujhse bataya ki wo kuch investment karna chahti

He isliye contact kiya tha mene use kuch achche ideas diye wo thodi broad minded thi aur me bhi hasmukh type ka hu to hum dono me achchi bate hone lagi jab uski servant chai dekar chali gayi me chai pene laga aur wo kuch document par sign karne lagi uske jhukne se mujhe uski boobs ki line

Saa dikh rahi thi useke boobs blouse me sama nahi rahe the wo jab jara sa hilti to uske boobs kisi spring ki tarah hilne lagte me uska clevage dekh hi raha tha ki usne apna sir utha liya me hakbaka gay aur mujhe thaska lag gaya mene sorry usne mujhe pani diya aur apna pallu theek kiya phir jab me

e laga to mujhse mera no. manga mene apna card de diya aur kaha kabhi bhi koi kaam ho mujhe call kar sakti he wo thoda muskurai mere double meaning word se phir dusre din uska cal aaya mene bataya kaam mene kar diya usne usne kaha me aap ko cal karke uski enquiry lu to koi

Problems to nahi mene kaha nahi hamara to kaam hi he client ko full satisfaction dena is baat par wo joor se hansi uski hansi itni sexy thi jese koi bachchi ho me to uski awaaz ka deewana ho gaya tha me bhool gaya ki wo mujhse 4 saal badi he phir wo mujh se boli tum bahut funny

Ho tumhara sense of humour gajab ka he aise hi ek din me Sunday ko film dekhne mall gaya kismat se wo mujhe waha dikhi wo black top aur blue jeens me thi light pink lipstick aur sar par gogel fasaye hui thi mene hi kaha usne pehle to mujhe nahi pehchana par baad me surprised hokar mujhse

Pucha tum yaha kese mene kaha sunday tha to socha movie dekh lo usne pucha kiske sath mene kaha akele meri koi girlfr to he nahi usne pucha dost to honge mene kaha me pagal nahi hu jo dost ko bagal me bethakar romantic film dekhu is par wo has padi aur boli chalo mujhe hi dikha do aur

Mene kaha apki shopping usne kaha shopping to ek bahana tha me to aise hi ghumne aayi thi usne kaha tumko koi prob to nahi mene kaha meri to nikal padi itni beautiful company mil rahi he hum dono ashiq banaya aapne dekhne gaye hamari seat ko dono side family bethi thi mene use ek uncle ki side wali me bitha diya

Kyoki is taraf ek aadmi tha thodi der baad wo thoda mere taraf ho gayi mene us taraf dekha to sala buddha uncle uski taraf tika ja raha tha mene usko kaha uncle thek se bethte nahi banta kya wo sakpaka kar theek se beth gaya aisha ke chehre par halki si muskan aa gayi aur wo mujhe dekhne

Lagi phir mene apna ek hath uske peeche se lejakar uske ke paas rakh liya wo samajh gayi ki koi use touch na kare isliye mene aisa kiya movie me ek seen aata he jab heroen hero ko pakad kar kiss karti he use dekhkar me garam ho gaya aur anjane me me use apne taraf kheecha usne bhi jawab

Me mere kandhe par sar rakh diya meri himmat bad gayi mene uska chehra upar karke uske chamakdar raseele laal honto par apne hont rakh diye itne narm aur raseele hont mera lund khada ho gaya mene uska nijhcla hont ko chusne laga usne bhi respond diya aur apni garm jeeb mere muh me daal di

Ab me uski garm jeeb ko chusne laga uski garm jeebh meri jeebh se khel rahi thi mujhse control nahi hua aur mene apna ek hath uske ke andar daal diya aur uske 34 size ke makhkhan jese doodh ko masalne laga aur uske bra me hath dalkar uski nipple ko masalne laga aur sath hi use french kiss kar

Raha tha aur uski garam jeeb chuste hue uske saliva ko bhi taste kar raha tha mujh se raha nahi gaya aur mene uske najuk hatho ko pakad kar apne lund ke upar rakh diya par rakh diya usne meri zip kholkar usme hath daalkar use masalne lagi uske narm mere lund ko masal raha tha aur me

Uske gulabi honto ka ras choose raha tha mene uske kaan me dheere se bola aisha plz mujhe yaha bhi pyaar karo aur apne lund ki taraf ishara kiya pehle to usne mana kiya par mene usse kaha kuch nahi hoga andhera he aur yeh kehkar mene uska sar apne jango me jhuka lia pehle usne mere

Lund ki chamdi ko neeche kiya aur apni jeeb mere lund ke ched par rak di aur mere lund ke charo taraf ghumane lagi me to jannat me tha itni khubsurat mujhse 4 saal badi high class aurat mera land choos rahi thi usne apna honto ki grip mere lund ke charo taraf laga rakhi thi ki phir usne dhire

Se mere lund ko apne gulabi honto ke andar dala me to jese pagal ho gaya aur mene apna hath uske jeans me peeche daal diya kyoki wo jhuki hui thi isliye uski gori2 gand ki lakeer dikh rahi thi me ek hath se use sehlane laga aur dusra hath uske balon par fer raha tha wo ab dheere2 apne muh ko

Aage peeche karne lagi phir teji se uske muh ki garmahat me apne lund par mehsoos kar raha tha uske saliva se mera lund pura san gaya me satwe aasman me the wo zor 2 se land andar bahar karne lagi me uske baal pakad kar lund par jor dene laga uske saliva aur speed ke karan halki si pach pach chap chap ki awaaz aa rahi thi fir tezi se usne lund

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Khada apni soch raha tha ki kya kismat he meri itni haseen aurat sham ko me uske call ka itezar kar raha tha kareeb 9 baje uska call aaya mene jhat se cal uthaya phir hamari batcheet hone laga usne mene use aaj ke liye thanks kaha to usne kaha itni jaldi nahi abhi tumse ek bahut jaroori kaam he mene pucha kya wo boli kal hi bataungi jabme kal cal karu to aa jana phir usne

Meri family ke bare me pucha aur girlfriend ke bare me to mene use bata diya ki me apni family se 3 saal se alag hu kabhi kabhar ghar jata hu aur yaha rehkar job karta hu aur sath me padai usne kal tumko ek surprised milega mene pucha ya to ayesha e kaha ki al hi bataungi to dosto dusre din kya hua ye me agle story me batauga par apke comment jaroori he please.

खाना बनाने वाली बाई की चुदाई

आज मै आप को मेरी एक चुदाई की घटना बताना चाहता हूँ की खाना बनाने वाली बाई को कैसे चोदा।
तो सुनो- उसका नाम सुमन है, 33 साल की बड़े-बड़े बूब्स और गांड वाली माल है, पहले दिन ही उसे देख के मेरे अंदर का जानवर जाग गया था। उसका ३६-३०-३८ का फिगर देख के चुदाई के लिए बेताब हो गया, क्योकि मै अकेला रहता हु और मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नही है इसलिए चुदाई के लिए हर टाइम तड़पता रहता हु।
तो मै पहले दिन से ही सुमन को पटाने में लग गया। मेने सोचा थोड़ा रेस्पेक्ट के साथ बात सुरु करनी चाहिए सो मेरे उसे बाई न बुलाते हुए दीदी कह कर संम्बोधित किया और आज क्या खाना बनाना हे उसे बताया।
मै किचन में ही खड़ा रह कर उस से बात करने लगा क्योकि मुझे तो जान-पहचान बढ़ाने की जल्दी थी और हां खाना कैसे बनती वो भी तो देखना था।
मेने उस से पूछा की और कहा-कहा खाना बनती हो? घर में कौन-कौन हे? जैसे कुछ बातें जो सामान्य परिचय के लिए पूछा जाता हे। उसने बताया की वो एक जगह और खाना बनती हे और परिवार में पति, एक बेटा ६ साल है।
मेरे अच्छे से बात करने से वो भी बहुत जल्दी कंफरटेबल हो गई और मुझसे अच्छे से बात करने लगी।
जब वो रोटी बेल रही थी तो मै उसके बड़े-बड़े बूब्स को हिलते हुवे देख रहा था और सोच रहा था की कब ये दबाने को मिलेंगे।
२-३ दिन में ही बाई को समझ में आ गया था की मै बात करने के बहाने उसके बूब्स और गांड को घूरते रहता हूँ। मै भी बातो-बातो में उसके हुस्न की तारीफ़ कर देता था और फ्रेंड्स जैसे की हर औरत को तारीफ पसंद हे, वैसे ही सुमन भी अपनी तारीफ सुन के बहुत खुश हो जाती थी। कभी उसके खाने की भी तारीफ कर देता था, की खाना बहुत स्वादिस्ट बनती हो और दोस्तों वो खाना सच में बहुत अच्छा बनती थी।
करीब ७ दिन हो गए थे उसे मेरे या खाना बनाते हुए और अब उसे भी यकीं हो गया था की मै उसे पटाने की कोशिश कर रहा हु।
अब तो उसके नखरे गर्लफ्रेंड की तरह हो गए थे, मेरा मतलब वैसे तो नहीं पर खाना बनाते टाइम बोला करती थी, की आप सब्जी ताजी नहीं लाते हो, कितना कम खाते हो, रोज खाना बचा देते हो जैसे।
अब हमारे बीच अच्छे से बात होने लगी थी, हँसी-मजाक भी करने लग गए थे।
अब मै उसे छूने के बहाने ढूँढता था। किचन से कुछ लेने के बहाने उसकी गांड को छू लेता था। दिन-प्रतिदिन ये छूना बढ़ता गया और अब तो मै गांड और बूब्स जैसे शब्दोँ का उपयोग करने लगा था की दीदी आप के बूब्स बहुत बड़े-बड़े हे, आपकी गांड बहुत खूबसूरत है। वो बस हँस हँस के मेरी बातो को एन्जॉय करती थी, और कुछ नहीं बोलती थी, बस अपनी नशीली आखो से मुझे देख लिया करती थी। मै उसे गरम करने वाली बाते किया करता था, की दीदी आप के पति की राते तो बहुत रंगीन कटती होगी, आप इतनी खूबसूरत हो की उसकी तो हर रात मज़े में होती होगी। मेरी ऐसी बातो से उसका चेहरा और आँखे चमक उठती थी, पर वो कहती थी, चुप करो किसी गन्दी-गन्दी बाते कर रहे हो, जबकि ऐसी बातो से उसको बहुत मज़ा आ रहा होता हे। मै उसकी गांड और बूब्स को छूने की इजाज़त मागते रहता था की दीदी मुझे भी एक बार आपकी गांड और बूब्स को छूने दो न, वो बोलती थी- की दीदी-दीदी कर रहे हो और मुझे छूने की बात करते हो। मेने कहा तो अब मै आप को दीदी नहीं कहूँगा, तो सुमन जोर से हँसी और बोली की बस छूने के लिए तुम मुझे दीदी नहीं कहोगे ? तो मेने कहा आप कहो तो और भी कुछ कर लूंगा कहते हुए उसके पीछे से जा के उसकी गांड से चीपक गया और उसके बगल से हाथ डाल कर बूब्स को पकड़ लिया और जोर से दबा दिया। मेरे ऐसा करते ही वो आअह्ह्ह्ह करते हुए मुझसे दूर हो गई और कहने लगी ऐसा मत करो, आप मुझसे हसी-मजाक करते हो उतना ही ठीक हे ये सब नहीं करो। उसने ये सब इतने प्यार से कहा की मेरा मन मचल गया, और मै ठीक हे कह कर बेड रूम में आ गया।
पर मेरे लंड को बाई की गांड का एहसास कैसे भुलाता, लौड़ा तो पूरा खड़ा हो गया, मेने हाथ में पकड़ के थोड़ा हिलाया, पर मेरा मन नहीं मान रहा था। मुझे तो आज कैसे भी बाई की चुदाई करना है,
क्योकि बाई की वो मुलायन गांड और बूब्स का एहसास मै नहीं भूल सकता था। मै ये सब सोच ही रहा था की बाई की आवाज आई- भैया में जा रही हूँ।
ओह ये क्या, वो तो जा रही है, मेने कहा रुको और वो क्या कहते हुए पीछे मुड़ी और मेने जल्दी से उसका चहरे को पकड़ के होठों पर किश करने लगा, उसने छुड़ाने हुए बोली मत करो ऐसा मुझे जाने दो, मेने कहा किश तो करने दो और मेने फिर से किश करने लगा, फिर उसने छुड़ाया और नहीं-नहीं करने लगी। अब की बार मेने उसे जोर से पकड़ा और वही दिवार से उसे सटा कर फिर किश करने लगा, फिर वो छुड़ाते हुए मुझसे अलग हुई और एक थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया, और चुप-चाप मुझे देखने लगी और मै उसे देख रहा था..
फिर वो अचानक से आगे बड़ी और मुझे किश करने लगी फिर मै भी टूट पड़ा होठो पर, गर्दन पर, माथे पर, उसके पूरे चैहरे पर किश करने लगा। उसे अपनी बाँहो में भर लिया और उसकी बड़ी गांड दबाने लगा और किश करते जा रहा था,वो भी पूरा-पूरा साथ दे रही थी, उसे अपनी बाहों में उठाया और बिस्तर पर ले आया।
बिस्तर पर लेटा कर मै उसके ऊपर लेट गया और बूब्स दबाते हुए उसके रसीले होठों का रस पान करने लगा।
वो तो आंखे बंद करके किश करने में इतनी मग्न हो गई जैसे जन्म-जन्म की प्यासी हो।
मेने बहुत प्यार से ब्लाउज के हुक खाले और ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को जोर-जोर से दबाने लगा वो मेरे हाथ पर हाथ रखे आँखे बंद किये अपने बूब्स दबवा रही थी।
अब में उसकी नाभि पर किश करने लगा और नाभि के छेद में जीभ डाल के चाटने लगा, मेने जैसे ही उसकी नाभि को चाटना चालू किया वो जोर-जोर से आआआह्ह्ह्ह्ह आआआअह्ह्ह्ह आआआअह्ह्ह्ह करने लगी ये सुन कर मुझे और जोश आ गया और जल्दी से उसका पेटीकोट उठा के अपना मुह उसकी चिकनी चूत पर लगा दिया। जैसे ही चूत पर मुह लगाया वो आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह करते हुए उछल गई और अपनी दोनों टाँगो से मेरी गर्दन पर कैची बना के मुझे जोर से पकड़ लिया।
मेने चूत को चाटते हुए ही उसके पैरों को पकड़ कर फैला दिया और चूत को कुत्ते की तरह चपड़-चपड़ चाटने लगा। फ्रेंड्स, मै यहाँ बताना चाहूंगा की मुझे चूत चाटना बहुत अच्छा लगता हे।
बाई के पैरों को जितना चोडा कर सकता था उतना चोडा करके उसकी चूत चाट रहा था मै और बाई अपनी गांड उठा-उठा के चूत चटवा रही, पर बोल कुछ भी नहीं रही थी बस आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थी और जोर-जोर से साँसे ले रही थी और मेरा सर पकड़ के चूत पर दबा रही थी।
मै चूत को दो उंगलियों से चौड़ी कर-कर के चाट रहा था, चाटते-चाटते जब जीभ को चूत के छेद में घुसा देता था तो वो और जोर से आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊआअह्ह्ह उउअअअअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह करने लगती थी। करीब १० मिनट तक चूत चाटते रहा, चाट-चाट कर चूत को लाल कर दिया था। इस १० मिनट में वो २ बार झड़ गई।
अब मै उठा और अपने कपडे उतारने लगा। वो बिस्तर पर पड़े-पड़े हॉफ रही थी और मेरी तरफ बहुत प्यार से और चाहत भरी निगाहों से देख रही थी। जैसे ही मेने सारे कपडे निकल कर अपना 8 इंच का लम्बा और मोटा लंड हाथ में ले कर हिलाया और उसे दिखाया तो उसने शरमा कर अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया।
मै अब उस पर चढ़ गया और उसके बड़े-बड़े बूब्स पर बैठ गया, आआह्ह्ह क्या गद्दी थी बैठने के लिए।
बूब्स पर बैठ कर अपने मोटे, लम्बे लौड़े को उसके होठों पर रगड़ने लगा, तो वो गप्प से लंड के सुपाड़े को होठों में दबा लिया, उसके इस अचानक वॉर से मेरे मुह से आह्ह्ह निकल गई। थोड़ी देर ऐसे ही लौड़ा चूसने के बाद मै उठा और ६९ पोजिसन में आ गया।
अब मै उसकी चूत चाट रहा था और वो मेरा लंड। फ्रेंड्स क्या बताऊ कितना मज़ा आ रहा था मै तो जन्नत में था। एक तो चूत चाटने का मज़ा और दूसरा लंड चुसाने का। वो मेरे लौड़े को जोर-जोर से चूस रही थी और मै भी उसकी चूत में ऊँगली करने हुए चाट रहा था।
वो बहुत गरम हो गई थी और ऊह्ह्ह ऊऊऊह ऊह करते हुए लौड़े को मुँह में ही लिए सिर को इधर-उधर झटकने लगी। उसे ऐसा करते देख मै और जोर-जोर से चूत को चाटने लगा, मुझे उसे तड़पने में मज़ा आ रहा था।
थोड़ी देर ऐसा करने के बाद ही उसने लंड को मुह से निकला और जोर से बोली चूत में लंड डालो.. मत तड़पाओ प्लीज… चोदो… चोदो.. मै भी जोश में था। मुझे भी लगा की अब इसकी चुदाई करने में मज़ा आएगा और जल्दी से घुमा और उसके टाँगो के बीच में बैठ कर उसकी टांगों को कन्धे पर रख के लौड़े को चूत पर सेट करके एक जोर का झटका मारा… एक ही झटके में आधा लंड फच्च की आवाज के साथ चूत में घुस गया और दोनों के ही मुह से आनंद की आअह्ह्ह निकल गयी। दूसरे झटके में पूरा की पूरा लंड चूत में फिट हो गया। वो तो जोर जोर से ऊऊउइ ऊऊऊईइ ऊऊऊईइ आह्ह आह्ह कर रही थी।
अब मेने झटके मारना चालू किया, पहले ३-४ धक्के धीरे-धीरे मारा फिर अचानक से स्पीड बड़ा दिया और जोर-जोर से धक्के मारना चालू कर दिया। पूरे रूम में फच्च फच्च फच्च की मन-मोहक आवाज आ रही थी।
वो आँखे बंद किये आअह्हह्हह आह्ह्ह्हह्ह उउउउउइइइइ उउउइइइइइइइ आह्ह्ह आम्म्म्म्म करते हुए चुदा रही थी। मेरे हर धक्के के साथ उसकी आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल रही थी। मै तो स्पीड से पेलने में लगा था। वो आह्ह्ह चोदो. चोद.. फाड़ दे.. जोर से आअह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह चोद बहुत मज़ा आ रहा हे फाड़ दे मेरी.., उसकी ये बाते और आअह्ह्ह आह्ह्ह आइइइइइइइइइ उउउइइइइइइइइइ की आवाज सुन के मै भी आअह्ह्ह आह्ह करते हुए तेजी से ठुकाई कर रहा था और बोल रहा था ले मेरा लण्ड.. ले मेरी रानी आज तेरी चूत फाड़ दूंगा.. बोल मेरा लौड़ा केसा लगा ? बोल.. मेरा लण्ड तेरी चूत को केसा लगा ? वो बोली मूसल हे तेरा लण्ड फिट हो के जा रहा हे चूत में।
आअह्ह आअह्ह्ह्ह्ह्ह जोर से चोद.. आआह्ह्ह्ह। १०-१२ मिनट ऐसे ही चुदाई करते रहे फिर मेने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो बोली नहीं ऐसे ही चोदते रहो मै आ रही हूँ , मेने भी अपनी स्पीड बड़ा दिया और चोदता रहा। अब वो और जोर जोर से चिल्लाने लगी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आऐइइइइइइइ आआआईइइइइइइइइआ आआआआअ करते हुए झड़ गई और बहुत स्पीड से चुदाई करने के कारण मै भी उसकी चूत में अपने लण्ड का लावा भर दिया और उसके ऊपर ही लुढ़क गया।
हम दोनों पसीने से पूरे भीगे हुए एक-दूसरे की बाँहो में करीब ५ मिनट पड़े रहे। फिर हम उठे और वो कपडे पहन कर फिर मेरे गले में बाहें डाल कर कर मेरे होठों पर एक लम्बा किश करके बोली अब मै जाऊ ? तो मेने भी उसकी गांड दबाते हुए बोला जाओ मेरी जान। फिर वो चले गई और मै बाथरूम में जा के नहाने लगा।
ये थी मेरी कहानी। कैसी लगी जरूर बताना फ्रेंड्स ताकि मै अपनी सेक्स लाइफ के बारे में और बता सकू।